जय भीम · जय संविधान
हमारे बारे में

राष्ट्रीय अनुसूचित जाति-जनजाति विकास परिषद् की स्थापना 26 नवम्बर 1977 को इसके संस्थापक सदस्य माननीय श्री के.आर. नारायण द्वारा की गई थी। यह नॉन रजिस्टर्ड संस्था है और सम्पूर्ण भारत में कार्यरत है।
"विषमता, मनुवादी व्यवस्था को समाप्त कर समता, स्वतंत्रता, भाईचारा और न्याय पर आधारित समाज का निर्माण करना।"
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति - जनजाति विकास परिषद नई दिल्ली (भारत)
हमारा फोकस
हमारा विशेष ध्यान अनुसूचित जाति / जनजाति वर्ग के कल्याण हेतु योजनाओं की निगरानी करना और उनके क्रियान्वयन में समन्वय स्थापित करना है। हम सामाजिक विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए कार्य करते हैं।
- ✔ सामाजिक सेवाएं
- ✔ आर्थिक सेवाएं
- ✔ सरकारी शैक्षणिक कार्यक्रमों के लिए मार्गदर्शन
- ✔ हीन भावना को दूर करने के लिए प्रेरणा
- ✔ सरकारी एवं निजी क्षेत्र में रोजगार मार्गदर्शन

मिशन
सामाजिक व्यवस्था परिवर्तन
विचारधारा
फुले-अम्बेडकर विचारधारा
रणनीति
संवैधानिक मूल्यों का पालन करते हुए रक्तविहीन क्रांति का आह्वान।
संगठन के प्रमुख उद्देश्य
मूलनिवासी बहुजन समाज के हितों की रक्षा एवं संरक्षण हेतु आवाज उठाना।
मूलनिवासी बहुजन समाज में शिक्षा का प्रचार-प्रसार की व्यवस्था करना।
मूलनिवासी बहुजन समाज के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण व रोजगार के लिये कार्य करना।
मूलनिवासी बहुजन समाज के समग्र विकास की बाधाओं का निदान करना।
आर्थिक, सामाजिक और राजनैतिक क्षेत्रों में सक्रिय भागीदारी का प्रयास कर सुदृढ़ता प्रदान करना।
देश व प्रदेशों के सभी संगठनों से पारस्परिक सहयोग एवं संबंधों हेतु नैतिक समर्थन लेना-देना।
मूलनिवासी बहुजन समाज के अधिकारी व कर्मचारियों के साथ आपसी सामंजस्य स्थापित कर कार्य करना।
मूलनिवासी बहुजन समाज का आंदोलन आत्मनिर्भर बनाने के लिए इनसे ही बुद्धि, पैसा एवं हुनर का निर्माण करना।
विषमता मूलक समाज व्यवस्था से कम या अधिक शोषित, वंचित व पीड़ित वर्ग में जागृति लाकर उनमें भाईचारा पैदा करना और इन जातियों को आपस में जोड़कर सामाजिक शक्ति का निर्माण करना।
नेतृत्वहीन समाज में कर्तव्यनिष्ठ एवं ईमानदार नेतृत्व का निर्माण करना और उसकी बेहतर व्यवस्था करना।
दिशाहीन समाज को सम्मानजनक एवं कल्याणकारी, आत्मनिर्भर दिशा प्रदान करना।
उद्देश्य, विचारधारा, मूल्य एवं सिद्धांतों के प्रति समर्पित पूर्णकालिक प्रचारक को मिशन सामाजिक परिवर्तन के कार्य में लगाना।
साहित्यिक शोध, महापुरुषों की विचारधारा पर आधारित साहित्य तैयार करना व प्रचार-प्रसार के माध्यम से जन-जन तक पहुँचाना।
समाज में व्याप्त बुराईयों को दूर करना।
विकास की अपेक्षित दिशा को निर्देशित करना।
समाज में हो रहे परिवर्तनों का मूल्यांकन करना।
डॉ. बी.आर. अम्बेडकर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विश्वविद्यालय की स्थापना करना।
संगठन की मर्यादाएं
गैर राजनैतिक
यह गैर राजनैतिक संगठन है।
अहिंसात्मक
संगठन अहिंसात्मक है।
गैर-धार्मिक
यह गैर धार्मिक संगठन है।
